चाँद पराया है !

“शब्द” आत्मा लेखन की | “अहसास” ताकत लेखन की | “अनुभव” गहराई लेखन की | जब शब्द, अहसास और अनुभव का समावेश होता है तो बनती है एक कहानी, एक नज़्म, एक कविता या कोई ग़ज़ल | नज़्म, गीत, ग़ज़ल, कहानी जो दिल से होकर रूह तक को भिगो दें | आपको हमको भिगो दें | ऐसी ही अहसासों, भावनाओं से ओत-प्रोत“चाँद पराया है” में आप सभी का हार्दिक स्वागत है !!!

वरमाला प्रेम की !!

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ऐसे ही हर शाम की तरह वह भी एक आवारगी भरी शाम थी | हम लाल और काले रंग की चतुर्भुज डिजाईन वाली शर्ट पहने, ऊपर के २ बटन खोले, कॉलर खड़ी किये व...

चले जाओ, तुम्हे जो जाना है !!!

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चले जाओ, तुम्हे जो जाना है  यूँ रुक कर खुद पर सितम न करो   सुर्ख आँखें मेरी सुर्ख ही रहेंगी  की तुम्हारे जाने के गम में   मेरे रुख...

इक रात जो बसर हो जाए !!!

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जिन्दगी में नौबहार की मुसलसल सहर हो जाए  तुम्हारी बाहों में मेरी इक रात जो बसर हो जाए !  ये रुखसार, ये पेशाने, ये साहिर आँखें तुम्हारी...
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Om Yadav
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