चाँद पराया है !

“शब्द” आत्मा लेखन की | “अहसास” ताकत लेखन की | “अनुभव” गहराई लेखन की | जब शब्द, अहसास और अनुभव का समावेश होता है तो बनती है एक कहानी, एक नज़्म, एक कविता या कोई ग़ज़ल | नज़्म, गीत, ग़ज़ल, कहानी जो दिल से होकर रूह तक को भिगो दें | आपको हमको भिगो दें | ऐसी ही अहसासों, भावनाओं से ओत-प्रोत“चाँद पराया है” में आप सभी का हार्दिक स्वागत है !!!

जिन्दगी कट ही जाती है !!!

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एक लम्हा, एक शब्द, एक गलती सब कुछ मिटा देती है | हमें आसमान से जमीन पर ला पटकती है | पल भर में हमारी खुशियों को गम में बदल देती है | हमें ...

जिन्दा हो तो जिन्दगी है !!

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जिन्दा हो तो जिन्दगी है, रफ़्तार की अब क्या कहें ? कभी धीमी, कभी तेज तो कभी ठहर जाती है जिन्दगी |  तनहा सफ़र,आँखें रुखी,ओंठ प्यासे, हर ...

हर जर्रे में हमारी दास्ताँ हो !!!

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मदहोशी का आलम हो, न सुबह, न शाम हो तू सामने रहे नजर के, न भूख हो, न प्यास हो | हर गुफ्तगू तेरी हो, पर एक चाहत मेरी हो मैं सुन लूँ तु...
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