चाँद पराया है !

“शब्द” आत्मा लेखन की | “अहसास” ताकत लेखन की | “अनुभव” गहराई लेखन की | जब शब्द, अहसास और अनुभव का समावेश होता है तो बनती है एक कहानी, एक नज़्म, एक कविता या कोई ग़ज़ल | नज़्म, गीत, ग़ज़ल, कहानी जो दिल से होकर रूह तक को भिगो दें | आपको हमको भिगो दें | ऐसी ही अहसासों, भावनाओं से ओत-प्रोत“चाँद पराया है” में आप सभी का हार्दिक स्वागत है !!!

बंधन, जो जाने नही देता !!!

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थक सी गयी है अब वह , कच्चे रिश्ते निभाते- निभाते  बहुत परेशान हो गयी है वह  इन रिश्तों के बोझ तले दबकर नही चाहती है अब वह  और कि...

फिर भी वे दोनों एक साथ हैं !!!

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वे लड़ते हैं, झगड़ते हैं, एक दूसरे पर इल्जाम लगाते हैं और कहते हैं कि अब हम कभी बात नही करेंगे | और एक हफ्ते तक सच में दोनों बात नहीं करते ह...

दुनिया को तेरी तरफ तकने ना दूँ !!!

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अब लौट भी आओ कि तेरे बगैर किसी सपने को सजने ना दूँ | अपनी किस्मत के पन्नों पर तुम्हे लिख दूं, फिर मिटने ना दूँ | जो हो गया अब उसका क्य...
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