चाँद पराया है !

“शब्द” आत्मा लेखन की | “अहसास” ताकत लेखन की | “अनुभव” गहराई लेखन की | जब शब्द, अहसास और अनुभव का समावेश होता है तो बनती है एक कहानी, एक नज़्म, एक कविता या कोई ग़ज़ल | नज़्म, गीत, ग़ज़ल, कहानी जो दिल से होकर रूह तक को भिगो दें | आपको हमको भिगो दें | ऐसी ही अहसासों, भावनाओं से ओत-प्रोत“चाँद पराया है” में आप सभी का हार्दिक स्वागत है !!!

सफ़र जिन्दगी का !!!

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गाँव में अभी भी चार-पांच साल को बचपन ही समझा जाता है । लेकिन शहरों में उसी चार साल के बच्चे को सयाना समझा जाने लगता है ।अक्सर शहर की गलियों...

उन्मुक्त गगन है उड़ जाने दो !!!

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दिल में जो अरमान  सिमटे है अब तक ,आज  उनको  पूरा हो जाने दो ।  अब और न रोको इस  दिल के पंछी को ,उन्मुक्त गगन है उड़ जाने दो । कुछ कहन...

अब तुम मेरे साथ चलो !!!

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सुबह सूरज की पहली किरण से लेकर शाम के ढलते सूरज की आखिरी किरण तक हमारी जिन्दगी इतनी व्यस्त रहती है की हमें अपने बारे में सोचने का वक़्त ह...
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